The Walk Movie In Hindi Updated Today
मुंबई के गलियारों में पला-बढ़ा रघु (सचिन) बचपन से ही ऊँचाईयों का दीवाना था। जादू के करतब सीखने वाला यह गरीब लड़का जब पहली बार सर्कस में टाइटरोप पर चलते कलाकार को देखता है, तो उसकी ज़िंदगी बदल जाती है।
रघु रुकता है, आँखें बंद करता है—फिर धीरे से आगे बढ़ता है। वह हर कदम के साथ डर को पीछे छोड़ता जाता है। बीच में वह एक बार घुटनों पर बैठ जाता है, रस्सी से लिपट जाता है—और फिर खड़ा होता है। नीचे भीड़ जमा हो चुकी है। कोई चिल्लाता है—"यह तो सपना है!" कोई रोता है, कोई तस्वीरें लेता है। पुलिस पहुँचती है, लेकिन कोई हिम्मत नहीं करता ऊपर चढ़ने की।
हवा चलती है। तार हिलता है। रघु के पैर काँपते हैं। उसे अपनी माँ की बात याद आती है— "पैर ज़मीन पर रखना।" the walk movie in hindi
यह कहानी सिर्फ रस्सी पर चलने की नहीं, बल्कि सपनों पर चलने की है। क्या आपको लगता है कि आपने कभी अपने डर को पीछे छोड़ा है?
साथ जुड़ते हैं उसके दोस्त— (इंजीनियर), चांद (कैमरामैन) और गुड्डू (हारमोनियम बजाने वाला)। चारों मिलकर प्लान बनाते हैं— ताजमहल की दो मीनारों के बीच तार पर चलना है। the walk movie in hindi
धीमी हारमोनियम की धुन। रघु उठता है, पैरों में नई रस्सी बाँधता है—और छत के किनारे से आसमान की तरफ देखता है।
कोर्ट में जज पूछता है—"तुमने ऐसा क्यों किया?" the walk movie in hindi
वह फिर से बीच में पहुँचता है, इस बार अपनी हारमोनियम बजाते हुए—बिना हाथ के—बस पैरों से तार पकड़े, धुन गूँजती है—"ज़िन्दगी डोर है, तू नाच ले..." —रघु आखिरी बार उतरता है, ज़मीन पर आता है। पुलिस उसे पकड़ लेती है। लेकिन हज़ारों लोग तालियाँ बजा रहे होते हैं।